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mahabharat 7.127.29: उस भीषण ध्वनि से बड़े-बड़े योद्धाओं के हृदय को भी भयभीत करके, उन्होंने अपना भयानक रूप दिखाते हुए, सहसा शत्रुओं पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.127.29 
तेन शब्देन वीराणां पातयित्वा मनांस्युत।
दर्शयन् घोरमात्मानममित्रान् सहसाभ्ययात्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उस भीषण ध्वनि से बड़े-बड़े योद्धाओं के हृदय को भी भयभीत करके, उन्होंने अपना भयानक रूप दिखाते हुए, सहसा शत्रुओं पर आक्रमण कर दिया।
 
Having frightened the hearts of even the greatest warriors with that tumultuous sound, he suddenly attacked the enemies, showing his terrifying form.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)