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mahabharat 7.127.23-24h: आज माता कुन्ती किसी अशुभ शकुन की चर्चा कर रही होंगी। द्रौपदी और सुभद्रा भी अपने सगे-संबंधियों सहित किसी अशुभ शकुन को देख रही होंगी।॥23 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 127: भीमसेनका कौरव-सेनामें प्रवेश, द्रोणाचार्यके सारथिसहित रथका चूर्ण कर देना तथा उनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका वध, अवशिष्ट पुत्रोंसहित सेनाका पलायन  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  7.127.23-24h 
आह कुन्ती नूनमार्या पापमद्य निदर्शनम्॥ २३॥
द्रौपदी च सुभद्रा च पश्यन्त्यौ सह बन्धुभि:।
 
 
अनुवाद
आज माता कुन्ती किसी अशुभ शकुन की चर्चा कर रही होंगी। द्रौपदी और सुभद्रा भी अपने सगे-संबंधियों सहित किसी अशुभ शकुन को देख रही होंगी।॥23 1/2॥
 
‘Today mother Kunti must be discussing some sad omen. Draupadi and Subhadra along with their relatives must also be seeing some bad omen.॥ 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)