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mahabharat 7.126.6: वानरों में श्रेष्ठ हनुमान् की ध्वजा लिए हुए सिंह-पुरुष अर्जुन को न देखकर और उनके गाण्डीव की गम्भीर ध्वनि न सुनकर उनकी सारी इन्द्रियाँ व्याकुल हो गईं॥6॥   |   mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.126.6 
सोऽपश्यन् नरशार्दूलं वानरर्षभलक्षणम्।
गाण्डीवस्य च निर्घोषमशृण्वन् व्यथितेन्द्रिय:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वानरों में श्रेष्ठ हनुमान् की ध्वजा लिए हुए सिंह-पुरुष अर्जुन को न देखकर और उनके गाण्डीव की गम्भीर ध्वनि न सुनकर उनकी सारी इन्द्रियाँ व्याकुल हो गईं॥6॥
 
Not seeing Arjuna, the lion-man with a flag bearing the emblem of Hanuman, the best of the monkeys, and not hearing the deep sound of his Gandiva, all his senses became distressed. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)