Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.126.5: तत्पश्चात् युधिष्ठिर ने बुद्धिमान अर्जुन को देखने की इच्छा से सब ओर देखा; परंतु उन्हें अर्जुन और सात्यकि कहीं भी दिखाई नहीं दिए॥5॥   |   mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.126.5 
ततो वीक्ष्य दिश: सर्वा: सव्यसाचिदिदृक्षया।
युधिष्ठिरो ददर्शाथ नैव पार्थं न माधवम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् युधिष्ठिर ने बुद्धिमान अर्जुन को देखने की इच्छा से सब ओर देखा; परंतु उन्हें अर्जुन और सात्यकि कहीं भी दिखाई नहीं दिए॥5॥
 
Thereafter, Yudhishthira looked in all directions with the desire to see the wise Arjuna; But they did not see Arjun and Satyaki anywhere. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)