Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.126.45: उसका कोई और सहायक नहीं है। इससे मुझे बड़ी घबराहट हो रही है। निश्चय ही उसके मरने के बाद युद्धकला के ज्ञाता भगवान श्रीकृष्ण ही युद्ध कर रहे हैं ॥ 45॥   |   mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  7.126.45 
सहायोनास्य वै कश्चित् तेन विन्दामि कश्मलम्।
तस्मिन् कृष्णो हते नूनं युध्यते युद्धकोविद:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
उसका कोई और सहायक नहीं है। इससे मुझे बड़ी घबराहट हो रही है। निश्चय ही उसके मरने के बाद युद्धकला के ज्ञाता भगवान श्रीकृष्ण ही युद्ध कर रहे हैं ॥ 45॥
 
‘He has no other helper. This is making me very nervous. Certainly, after his death, Lord Krishna, the master of the art of war, is fighting the war. ॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)