Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.126.44: महाबाहु सात्यकि को न देख पाने के कारण मैं बड़ी चिन्ता में हूँ। पार्थ के मारे जाने पर सात्यकि भी अवश्य ही आगे आकर युद्ध कर रहा है ॥ 44॥ | mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहु सात्यकि को न देख पाने के कारण मैं बड़ी चिन्ता में हूँ। पार्थ के मारे जाने पर सात्यकि भी अवश्य ही आगे आकर युद्ध कर रहा है ॥ 44॥
I am in great anxiety as I have not seen the mighty-armed Satyaki. After Partha was killed, Satyaki too has certainly come forward and is fighting. ॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥