Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.126.32-33h: पहले जब हम लोग अत्यन्त दुःख से अधीर हो जाते थे, तब तुम हमारा साथ देते थे। राजेन्द्र! उठो, उठो, बताओ, मैं तुम्हारी क्या सेवा कर सकता हूँ?॥32 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पहले जब हम लोग अत्यन्त दुःख से अधीर हो जाते थे, तब तुम हमारा साथ देते थे। राजेन्द्र! उठो, उठो, बताओ, मैं तुम्हारी क्या सेवा कर सकता हूँ?॥32 1/2॥
‘Earlier, whenever we used to get impatient due to extreme sorrow, you used to support us. Rajendra! Get up, get up, tell me, what service can I do for you?॥ 32 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥