vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना
»
श्लोक 31-32h
श्लोक
7.126.31-32h
ततोऽब्रवीद् धर्मराजं भीमसेनस्तथागतम्॥ ३१॥
नैवाद्राक्षं न चाश्रौषं तव कश्मलमीदृशम्।
अनुवाद
तब भीमसेन ने उस अवस्था में पड़े हुए धर्मराज युधिष्ठिर से कहा - 'हे राजन! मैंने आपको पहले कभी इतना घबराया हुआ न देखा, न सुना।
Then Bhimasena said to Dharmaraja Yudhishthira who was lying in that condition - 'O King! I have never seen or heard of you being so nervous before.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×