श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  7.126.30-31h 
य: सदेवान् सगन्धर्वान् दैत्यांश्चैकरथोऽजयत्॥ ३०॥
तस्य लक्ष्म न पश्यामि भीमसेनानुजस्य ते।
 
 
अनुवाद
भीमसेन! आज मुझे आपके छोटे भाई अर्जुन का कोई निशान नहीं दिखाई दे रहा है, जिसने एक ही रथ के द्वारा देवताओं को ही नहीं, अपितु गंधर्वों और राक्षसों को भी जीत लिया था।'
 
Bhimasena! Today I cannot see any trace of your younger brother Arjun who conquered not only the Gods but also the Gandharvas and the demons with the help of a single chariot.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)