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mahabharat 7.126.28-29h: भीमसेन के पास पहुँचकर राजा युधिष्ठिर समयानुकूल कर्तव्य का विचार करने लगे और वहाँ बहुत सी बातें कहते-कहते वे लगभग मूर्छित हो गए।   |   mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.126.28-29h 
भीमसेनमनुप्राप्य प्राप्तकालमचिन्तयत्॥ २८॥
कश्मलं प्राविशद् राजा बहु तत्र समादिशन्।
 
 
अनुवाद
भीमसेन के पास पहुँचकर राजा युधिष्ठिर समयानुकूल कर्तव्य का विचार करने लगे और वहाँ बहुत सी बातें कहते-कहते वे लगभग मूर्छित हो गए।
 
Upon reaching Bhimasena, King Yudhishthira began to contemplate the timely duty and while saying many things there he almost fainted. 28 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)