तत: प्रतिकृतं मन्ये विधानं सात्यकिं प्रति।
एवं निश्चित्य मनसा धर्मपुत्रो युधिष्ठिर:॥ २६॥
यन्तारमब्रवीद् राजा भीमं प्रति नयस्व माम्।
अनुवाद
"ऐसा करने से ही मैं समझूँगा कि मैंने सात्यकि के प्रति अपना कर्तव्य पूरा कर लिया है।" ऐसा मन में निश्चय करके धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर ने अपने सारथि से कहा, "मुझे भीम के पास ले चलो।" ॥26 1/2॥
"Only by doing this will I understand that I have fulfilled my duty towards Satyaki." Having made this determination in his mind, King Yudhishthira, the son of Dharma, said to his charioteer, "Take me to Bhima." ॥26 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)