Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.126.24: निश्चय ही सात्यकि और अर्जुन युद्धभूमि में शोक करने योग्य नहीं हैं; क्योंकि वे दोनों न केवल युद्धकला में निपुण हैं, अपितु भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पूर्णतः सुरक्षित भी हैं॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कामं त्वशोचनीयौ तौ रणे सात्वतफाल्गुनौ।
रक्षितौ वासुदेवेन स्वयं शस्त्रविशारदौ॥ २४॥
अनुवाद
निश्चय ही सात्यकि और अर्जुन युद्धभूमि में शोक करने योग्य नहीं हैं; क्योंकि वे दोनों न केवल युद्धकला में निपुण हैं, अपितु भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पूर्णतः सुरक्षित भी हैं॥ 24॥
Surely Satyaki and Arjuna are not worthy of mourning on the battlefield; because both of them are not only skilled in the art of warfare, but are also fully protected by Lord Krishna.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥