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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना
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श्लोक 18
श्लोक
7.126.18
असौ हि श्रूयते शब्द: शूराणामनिवर्तिनाम्।
मिथ: संयुध्यमानानां वृष्णिवीरेण धीमता॥ १८॥
अनुवाद
बुद्धिमान वृष्णि वीर सात्यकि के साथ युद्ध करने वाले उन वीर योद्धाओं का महान् कोलाहल सुनाई दे रहा है, जो युद्ध से कभी पीछे नहीं हटते॥18॥
The great noise of those valiant warriors fighting with the wise Vrishni hero Satyaki can be heard, who never retreat from the battle.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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