Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.126.17: वे पराक्रमी सात्यकि अपने मित्र के अनुरोध पर तथा इसे अपने लिए गौरव की बात समझकर कौरव सेना में उसी प्रकार घुस गये, जैसे समुद्र में मगरमच्छ घुस जाता है। | mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे पराक्रमी सात्यकि अपने मित्र के अनुरोध पर तथा इसे अपने लिए गौरव की बात समझकर कौरव सेना में उसी प्रकार घुस गये, जैसे समुद्र में मगरमच्छ घुस जाता है।
That mighty Satyaki, at the request of his friend and considering it a matter of pride for himself, entered the Kaurava army like a crocodile in the ocean.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥