Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.126.1: संजय कहते हैं - हे राजन! जब द्रोणाचार्य पाण्डव सेना को इधर-उधर रौंदने लगे, तब पार्थ, पांचाल और सोमक नामक योद्धा उनसे दूर चले गए॥1॥   |   mahabharat अध्याय 7.126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 126: युधिष्ठिरका चिन्तित होकर भीमसेनको अर्जुन और सात्यकिका पता लगानेके लिये भेजना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.126.1 
संजय उवाच
व्यूहेष्वालोड्यमानेषु पाण्डवानां ततस्तत:।
सुदूरमन्वयु: पार्था: पञ्चाला: सह सोमकै:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! जब द्रोणाचार्य पाण्डव सेना को इधर-उधर रौंदने लगे, तब पार्थ, पांचाल और सोमक नामक योद्धा उनसे दूर चले गए॥1॥
 
Sanjaya says - O King! When Dronacharya started trampling the Pandava formations here and there, then the warriors of Partha, Panchala and Somaka moved far away from him.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)