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mahabharat 7.125.62: पांचाल सैनिकों ने कहा, "महान् द्रोण अपने बल, उत्साह और धैर्य से समस्त प्राणियों को मोहित कर रहे हैं तथा हमारी सेनाओं का विनाश कर रहे हैं।"   |   mahabharat अध्याय 7.125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  7.125.62 
यथाबलं यथोत्साहं यथासत्त्वं महाद्युति:।
मोहयन् सर्वभूतानि द्रोणो हन्ति बलानि न:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
पांचाल सैनिकों ने कहा, "महान् द्रोण अपने बल, उत्साह और धैर्य से समस्त प्राणियों को मोहित कर रहे हैं तथा हमारी सेनाओं का विनाश कर रहे हैं।"
 
The Panchala soldiers said, "The mighty Drona is enchanting all beings with his strength, enthusiasm and patience and is destroying our armies."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)