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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  7.125.57 
तेषु प्रक्षीयमाणेषु चेदिमुख्येषु सर्वश:।
पञ्चाला: समकम्पन्त द्रोणसायकपीडिता:॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
जब चेदि देश के प्रमुख योद्धा इस प्रकार नष्ट होने लगे, तब द्रोणाचार्य के बाणों से पीड़ित पांचालयोद्धा कांपने लगा। 57.
 
When the chief warriors of the Chedi country started getting destroyed in this manner, then Panchalayaoddha, who was struck by the arrows of Dronacharya, started trembling. 57.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)