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mahabharat 7.125.55: वह नरसिंह युद्ध में महातेजस्वी आचार्य द्रोण को यमराज के घर भेजने के लिए अपनी पूरी शक्ति से प्रयत्न करने लगा ॥55॥   |   mahabharat अध्याय 7.125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  7.125.55 
यतन्त: पुरुषव्याघ्रा: सर्वशक्त्या महाद्युतिम्।
निनीषवो रणे द्रोणं यमस्य सदनं प्रति॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
वह नरसिंह युद्ध में महातेजस्वी आचार्य द्रोण को यमराज के घर भेजने के लिए अपनी पूरी शक्ति से प्रयत्न करने लगा ॥55॥
 
That male lion started trying with all his might to send the great and brilliant Acharya Drona to the house of Yamraj in the battle. 55॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)