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mahabharat 7.125.53: उस समय चेदि, सृंजय, काशी और कोसल क्षेत्र के सैनिक हर्ष और उत्साह से भरकर युद्ध की इच्छा से द्रोणाचार्य पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  7.125.53 
चेदयश्च महाराज सृञ्जया: काशिकोसला:।
अभ्यद्रवन्त संहृष्टा भारद्वाजं युयुत्सया॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
उस समय चेदि, सृंजय, काशी और कोसल क्षेत्र के सैनिक हर्ष और उत्साह से भरकर युद्ध की इच्छा से द्रोणाचार्य पर आक्रमण कर दिया।
 
At that time, the soldiers of Chedi, Srinjaya, Kashi and Kosala regions, filled with joy and enthusiasm, attacked Dronacharya with the desire for war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)