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श्लोक  7.125.42 
तेषु प्रक्षीयमाणेषु पाण्डवेयेषु भारत।
जरासंधसुतो वीर: स्वयं द्रोणमुपाद्रवत्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
जब उन पाण्डव योद्धाओं का इस प्रकार नाश हो गया, तब जरासन्ध के वीर पुत्र सहदेव ने स्वयं द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया।
 
When those Pandava warriors were destroyed in this manner, Jarasandha's brave son Sahadeva himself attacked Dronacharya. 42.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)