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mahabharat 7.125.40: चेदिराज के मारे जाने पर उसका पुत्र, जो अस्त्रविद्या में निपुण था, अमरश के प्रभाव में आकर अपने पिता के स्थान पर खड़ा हो गया ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 7.125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  7.125.40 
निहते चेदिराजे तु तत् खण्डं पित्र्यमाविशत्।
अमर्षवशमापन्न: पुत्रोऽस्य परमास्त्रवित्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
चेदिराज के मारे जाने पर उसका पुत्र, जो अस्त्रविद्या में निपुण था, अमरश के प्रभाव में आकर अपने पिता के स्थान पर खड़ा हो गया ॥40॥
 
When Chediraj was killed, his son, who was an expert in weapons, came under the influence of Amarsha and stood in his father's place. 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)