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mahabharat 7.125.4: हे भरतवंश के राजा! महाबली द्रोणाचार्य योद्धाओं के साथ ऐसा खेल खेल रहे थे मानो वे युद्धभूमि में श्रेष्ठ योद्धाओं का चयन कर रहे हों।   |   mahabharat अध्याय 7.125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.125.4 
वरान् वरान् हि योधानां विचिन्वन्निव भारत।
आक्रीडत रणे राजन् भारद्वाज: प्रतापवान्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे भरतवंश के राजा! महाबली द्रोणाचार्य योद्धाओं के साथ ऐसा खेल खेल रहे थे मानो वे युद्धभूमि में श्रेष्ठ योद्धाओं का चयन कर रहे हों।
 
O King of the Bharata dynasty! The mighty Dronacharya seemed to be playing a game with the warriors as if he were selecting the most prominent warriors on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)