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mahabharat 7.125.26: चेदि के अत्यंत शक्तिशाली राजा धृष्टकेतु द्रोणाचार्य को मारने के लिए उनकी ओर उसी प्रकार झपटे, जैसे पतंगा आग पर झपटा करता है।   |   mahabharat अध्याय 7.125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.125.26 
धृष्टकेतुश्च चेदीनामृषभोऽतिबलोदित:।
वधायाभ्यद्रवद् द्रोणं पतङ्ग इव पावकम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
चेदि के अत्यंत शक्तिशाली राजा धृष्टकेतु द्रोणाचार्य को मारने के लिए उनकी ओर उसी प्रकार झपटे, जैसे पतंगा आग पर झपटा करता है।
 
The extremely powerful King of Chedi, Dhrishtaketu, rushed towards Dronacharya to kill him, just as a moth attacks a fire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)