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mahabharat 7.125.25: उनके वचन सुनकर सारथि ने रथियों में श्रेष्ठ धृष्टकेतु को शीघ्रगामी कम्बोज घोड़ों की सहायता से द्रोणाचार्य के पास भेजा।   |   mahabharat अध्याय 7.125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 125: द्रोणाचार्यके द्वारा बृहत्क्षत्र, धृष्टकेतु, जरासन्धपुत्र सहदेव तथा धृष्टद्युम्नकुमार क्षत्रधर्माका वध और चेकितानकी पराजय  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.125.25 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा सारथी रथिनां वरम्।
द्रोणाय प्रापयामास काम्बोजैर्जवनैर्हयै:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
उनके वचन सुनकर सारथि ने रथियों में श्रेष्ठ धृष्टकेतु को शीघ्रगामी कम्बोज घोड़ों की सहायता से द्रोणाचार्य के पास भेजा।
 
On hearing his words the charioteer sent Dhrishtaketu, the best of charioteers, to Dronacharya with the help of swift Kamboja horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)