Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.124.9: हे माननीय! जब आपकी सेना के विभिन्न समूह सब ओर से बुलाए गए, उस समय जो महान जनसमूह एकत्र हुआ, वह इस संसार में किसी अन्य समूह के समान नहीं था, ऐसा मेरा विश्वास है॥9॥ | mahabharat अध्याय 7.124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आहूतेषु समूहेषु तव सैन्यस्य मानद।
नाभूल्लोके सम: कश्चित् समूह इति मे मति:॥ ९॥
अनुवाद
हे माननीय! जब आपकी सेना के विभिन्न समूह सब ओर से बुलाए गए, उस समय जो महान जनसमूह एकत्र हुआ, वह इस संसार में किसी अन्य समूह के समान नहीं था, ऐसा मेरा विश्वास है॥9॥
Honorable! When the various groups of your army were called from all sides, the great crowd that gathered at that time was like no other group in this world, I believe so.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥