Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.124.42-43h: उस समय युद्ध में युधिष्ठिर को पकड़ने की इच्छा रखने वाले द्रोणाचार्य ने उन समस्त योद्धाओं को उसी प्रकार रोक दिया जैसे कोई पर्वत तेज हवा से उड़ाए हुए वर्षा करने वाले बादलों को रोक देता है ॥42 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय युद्ध में युधिष्ठिर को पकड़ने की इच्छा रखने वाले द्रोणाचार्य ने उन समस्त योद्धाओं को उसी प्रकार रोक दिया जैसे कोई पर्वत तेज हवा से उड़ाए हुए वर्षा करने वाले बादलों को रोक देता है ॥42 1/2॥
At that time, Dronacharya, who desired to capture Yudhishthira in the battle, stopped all those warriors in the same manner as a mountain stops rain-bearing clouds blown by a strong wind. ॥ 42 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥