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mahabharat 7.124.39-40h: इससे कुंती के पुत्र बहुत प्रसन्न हुए। जिस प्रकार पूर्वकाल में वृत्रासुर के वध के पश्चात समस्त देवताओं और ऋषियों ने इंद्र को चारों ओर से घेर लिया था, उसी प्रकार पांडवों ने भी युधिष्ठिर को चारों ओर से घेर लिया।   |   mahabharat अध्याय 7.124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.124.39-40h 
तत: प्रमुदिता: पार्था: परिवव्रुर्युधिष्ठिरम्॥ ३९॥
यथा वृत्रवधे देवा: पुरा शक्रं महर्षय:।
 
 
अनुवाद
इससे कुंती के पुत्र बहुत प्रसन्न हुए। जिस प्रकार पूर्वकाल में वृत्रासुर के वध के पश्चात समस्त देवताओं और ऋषियों ने इंद्र को चारों ओर से घेर लिया था, उसी प्रकार पांडवों ने भी युधिष्ठिर को चारों ओर से घेर लिया।
 
This made Kunti's sons very happy. Just as in the past, after the killing of Vritrasura, all the gods and sages had surrounded Indra from all sides, in the same way the Pandavas also surrounded Yudhishthira from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)