Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.124.33-34h: तत्पश्चात् उसने राजा विराट और द्रुपद को छः-छः बाणों से घायल कर दिया, फिर शिखण्डी को सौ, धृष्टद्युम्न को बीस तथा द्रौपदी के पुत्रों को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विराटद्रुपदौ षड्भि: शतेन च शिखण्डिनम्॥ ३३॥
धृष्टद्युम्नं च विंशत्या द्रौपदेयांस्त्रिभिस्त्रिभि:।
अनुवाद
तत्पश्चात् उसने राजा विराट और द्रुपद को छः-छः बाणों से घायल कर दिया, फिर शिखण्डी को सौ, धृष्टद्युम्न को बीस तथा द्रौपदी के पुत्रों को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया।
Thereafter he pierced King Virata and Drupada with six arrows each, then injured Shikhandi with a hundred, Dhrishtadyumna with twenty and the sons of Draupadi with three arrows each.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥