श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  7.124.29-30h 
संजय उवाच
राजन् संग्राममाश्चर्यं तव पुत्रस्य भारत॥ २९॥
एकस्य बहुभि: सार्धं शृणुष्व गदतो मम।
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, "हे भरतवंशी राजन! मैं आपके इकलौते पुत्र दुर्योधन और असंख्य शत्रु योद्धाओं के बीच हुए अद्भुत युद्ध के विषय में आपको बता रहा हूँ। सुनिए।"
 
Sanjaya said, "O King of the Bharata dynasty! I am telling you about the astonishing battle that took place between your only son Duryodhana and the numerous enemy warriors. Listen."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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