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mahabharat 7.124.27-28h: उस महायुद्ध में एक वीर योद्धा, विशेषकर राजा दुर्योधन का इतने सारे योद्धाओं से युद्ध करना मुझे विचित्र (अनुचित) लगता है। 27 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  7.124.27-28h 
एकस्य च बहूनां च संनिपातो महाहवे॥ २७॥
विशेषतो नरपतेर्विषम: प्रतिभाति मे।
 
 
अनुवाद
उस महायुद्ध में एक वीर योद्धा, विशेषकर राजा दुर्योधन का इतने सारे योद्धाओं से युद्ध करना मुझे विचित्र (अनुचित) लगता है। 27 1/2
 
In that great war, it seems odd (inappropriate) to me for one brave warrior, especially King Duryodhana, to fight with so many warriors. 27 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)