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mahabharat 7.124.26-27h: धृतराष्ट्र ने पूछा - सूत! जब सारी सेनाएँ इस प्रकार भाग रही थीं, तब क्या दुर्योधन ने, जो स्वयं भी ऐसी ही विपत्ति में पड़ा था, उस युद्ध में पीठ नहीं दिखाई?॥26 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  7.124.26-27h 
धृतराष्ट्र उवाच
तथा यातेषु सैन्येषु तथा कृच्छ्रगत: स्वयम्॥ २६॥
कच्चिद् दुर्योधन: सूत नाकार्षीत् पृष्ठतो रणम्।
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - सूत! जब सारी सेनाएँ इस प्रकार भाग रही थीं, तब क्या दुर्योधन ने, जो स्वयं भी ऐसी ही विपत्ति में पड़ा था, उस युद्ध में पीठ नहीं दिखाई?॥26 1/2॥
 
Dhritarashtra asked - Suta! When all the armies were fleeing like this, did Duryodhan, who was himself in a similar predicament, not turn his back in that battle?॥ 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)