Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.124.18-19h: (इसके बाद उन्होंने पुनः कहा-) 'सात्यकि और अर्जुन के न रहने पर ये कौरव कृतार्थ हो जाएँगे और हम लोग पराजित हो जाएँगे। अतः तुम सब लोग मिलकर महान् वेग का सहारा लो और सेनारूपी इस समुद्र में तुरंत ही हलचल मचा दो। जैसे प्रचण्ड वायु समुद्र को क्षुब्ध कर देती है।'॥18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.124: कौरव-पाण्डव-सेनाका घोर युद्ध तथा पाण्डवोंके साथ दुर्योधनका संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(इसके बाद उन्होंने पुनः कहा-) 'सात्यकि और अर्जुन के न रहने पर ये कौरव कृतार्थ हो जाएँगे और हम लोग पराजित हो जाएँगे। अतः तुम सब लोग मिलकर महान् वेग का सहारा लो और सेनारूपी इस समुद्र में तुरंत ही हलचल मचा दो। जैसे प्रचण्ड वायु समुद्र को क्षुब्ध कर देती है।'॥18 1/2॥
(After this he again said -) 'In the absence of Satyaki and Arjun, these Kauravas will be accomplished and we will be defeated. Therefore, all of you together take recourse to great speed and immediately create a stir in this sea of army. Just like a strong wind disturbs the ocean.'॥ 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥