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श्लोक  7.124.10 
तत्र देवास्त्वभाषन्त चारणाश्च समागता:।
एतदन्ता: समूहा वै भविष्यन्ति महीतले॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वहां आने वाले देवता और तपस्वी कहते थे कि यह इस पृथ्वी पर सभी समूहों की अंतिम सीमा होगी।
 
The gods and hermits who came there used to say that this would be the final limit of all the groups on this earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)