Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.122.66: वे दोनों युद्ध-तंत्र में निपुण थे, अतः विचित्र मण्डल, दण्ड और अन्य प्रकार के करतब दिखाते हुए एक-दूसरे को बाणों से घायल करने लगे ॥66॥ | mahabharat अध्याय 7.122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे दोनों युद्ध-तंत्र में निपुण थे, अतः विचित्र मण्डल, दण्ड और अन्य प्रकार के करतब दिखाते हुए एक-दूसरे को बाणों से घायल करने लगे ॥66॥
Both of them were experts in the system of war. Hence, performing strange mandals, puns and other types of tricks, they started wounding each other with arrows. 66॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥