Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.122.61-62h: महाराज! आचार्य ने युद्धभूमि में महारथी धृष्टद्युम्न के साथ युद्ध आरम्भ किया। द्रोणाचार्य निकट से युद्ध कर रहे थे, उनके पास वैतस्तिक नामक बाण थे, जिनसे उन्होंने धृष्टद्युम्न को घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
योधयामास समरे धृष्टद्युम्नं महारथम्।
ते हि वैतस्तिका नाम शरा आसन्नयोधिन:॥ ६१॥
द्रोणस्य विहिता राजन् यैर्धृष्टद्युम्नमाक्षिणोत्।
अनुवाद
महाराज! आचार्य ने युद्धभूमि में महारथी धृष्टद्युम्न के साथ युद्ध आरम्भ किया। द्रोणाचार्य निकट से युद्ध कर रहे थे, उनके पास वैतस्तिक नामक बाण थे, जिनसे उन्होंने धृष्टद्युम्न को घायल कर दिया।
King! The Acharya started fighting with the great warrior Dhrishtadyumna in the battlefield. Dronacharya, who was fighting from close range, had arrows called Vaitastik made by him, with which he injured Dhrishtadyumna. 61 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥