Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.122.47-48h: हे भरतपुत्र! युद्धभूमि में क्रोधित होकर द्रोणाचार्य ने हँसते हुए उन व्याकुल राजकुमारों पर बाण चलाकर उनके घोड़े, सारथि और रथ छीन लिए। | mahabharat अध्याय 7.122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतपुत्र! युद्धभूमि में क्रोधित होकर द्रोणाचार्य ने हँसते हुए उन व्याकुल राजकुमारों पर बाण चलाकर उनके घोड़े, सारथि और रथ छीन लिए।
O son of Bharata! Enraged on the battlefield, Dronacharya smilingly shot arrows at those perplexed princes, depriving them of their horses, charioteers and chariots. 47 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥