Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.122.43-44: भरत! अपने भाई चित्रकेतु की मृत्यु से दुःखी होकर, सुधन्वा, चित्रवर्मा और चित्ररथ - ये चारों वीर योद्धा युद्ध की इच्छा से एक साथ द्रोण पर आक्रमण करके, जैसे वर्षा ऋतु में बादल जल बरसाते हैं, वैसे ही बाणों की वर्षा करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चित्रकेतु: सुधन्वा च चित्रवर्मा च भारत।
तथा चित्ररथश्चैव भ्रातृव्यसनकर्शिता:॥ ४३॥
अभ्यद्रवन्त सहिता भारद्वाजं युयुत्सव:।
मुञ्चन्त: शरवर्षाणि तपान्ते जलदा इव॥ ४४॥
अनुवाद
भरत! अपने भाई चित्रकेतु की मृत्यु से दुःखी होकर, सुधन्वा, चित्रवर्मा और चित्ररथ - ये चारों वीर योद्धा युद्ध की इच्छा से एक साथ द्रोण पर आक्रमण करके, जैसे वर्षा ऋतु में बादल जल बरसाते हैं, वैसे ही बाणों की वर्षा करने लगे।
Bhaarata! Grieved by the death of their brother, Chitraketu, Sudhanva, Chitravarma and Chitraratha - these four brave warriors, desiring a battle, all together attacked Drona and began to shower arrows just as clouds pour down water during the rainy season.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥