Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.122.34: उसने पाँच मुड़े हुए बाणों से द्रोणाचार्य को घायल कर दिया, एक बाण से उनके ध्वज को छेद दिया और सात बाणों से उनके सारथि को भी घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसने पाँच मुड़े हुए बाणों से द्रोणाचार्य को घायल कर दिया, एक बाण से उनके ध्वज को छेद दिया और सात बाणों से उनके सारथि को भी घायल कर दिया।
He wounded Dronacharya with five arrows having bent ends and with one arrow he pierced his flag and with seven arrows he pierced his charioteer as well.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥