श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.122.29 
सैन्येन महता युक्तो म्लेच्छानामनिवर्तिनाम्।
आसाद्य च रणे यत्तो युयुधानमयोधयत्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
वे युद्धभूमि में म्लेच्छों की विशाल सेना लेकर सात्यकि के पास पहुँचे, जो युद्ध से पीछे नहीं हट रहे थे और बड़े प्रयत्न से उनके साथ युद्ध आरम्भ कर दिया।
 
He reached Satyaki in the battlefield with a huge army of mlecchas who were not retreating from the war and started the war with them with great effort.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)