Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.122.28: द्रोणाचार्य के ऐसा कहने पर आपके पुत्र दु:शासन ने कुछ नहीं कहा, बल्कि उनकी बात अनसुनी कर दी और उसी मार्ग पर चल पड़ा जिस पर सात्यकि गए थे। | mahabharat अध्याय 7.122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोणाचार्य के ऐसा कहने पर आपके पुत्र दु:शासन ने कुछ नहीं कहा, बल्कि उनकी बात अनसुनी कर दी और उसी मार्ग पर चल पड़ा जिस पर सात्यकि गए थे।
Your son Dushasan did not say anything when Dronacharya said this. He ignored his words and started walking on the same path on which Satyaki had gone.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥