Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.122.24-25h: अतः अब तुम धैर्य रखो और युद्धभूमि में पांडवों के साथ युद्ध करो। मैंने सुना है कि भीमसेन तुम्हारा रक्त भी पीएँगे। भीमसेन की प्रतिज्ञा झूठी नहीं है। वह उसी रूप में सत्य होगी।' | mahabharat अध्याय 7.122: द्रोणाचार्यका दु:शासनको फटकारना और द्रोणाचार्यके द्वारा वीरकेतु आदि पांचालोंका वध एवं उनका धृष्टद्युम्नके साथ घोर युद्ध, द्रोणाचार्यका मूर्च्छित होना, धृष्टद्युम्नका पलायन, आचार्यकी विजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः अब तुम धैर्य रखो और युद्धभूमि में पांडवों के साथ युद्ध करो। मैंने सुना है कि भीमसेन तुम्हारा रक्त भी पीएँगे। भीमसेन की प्रतिज्ञा झूठी नहीं है। वह उसी रूप में सत्य होगी।'
‘So now you must be patient and fight with the Pandavas in the battlefield. I have heard that Bhimsena will drink your blood too. Bhimsena's vow is not false. It will be true in that form. 24 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥