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श्लोक  7.121.40 
पुनर्दशशताश्चान्ये शतसाहस्रिणस्तथा।
सोपलैर्बाहुभिश्छिन्नै: पेतुरप्राप्य सात्यकिम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
फिर, एक हजार अन्य योद्धा और एक लाख अन्य सैनिक, सात्यकि तक पहुँचने से पहले ही, चट्टानों से अपनी भुजाएँ कटकर गिर पड़े।
 
Then, a thousand other warriors and a lakh other soldiers, before they could even reach Satyaki, fell down with their arms cut off by the rocks in their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)