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mahabharat 7.121.35: आपके पुत्र दु:शासन से प्रेरित होकर सात्यकि को मारने के इच्छुक अन्य अनेक सैनिकों ने भी क्षेपणीय अस्त्र-शस्त्र धारण कर लिए और सब ओर से सात्यकि का मार्ग रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.121: सात्यकिके द्वारा पाषाणयोधी म्लेच्छोंकी सेनाका संहार और दु:शासनका सेनासहित पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 121: सात्यकिके द्वारा पाषाणयोधी म्लेच्छोंकी सेनाका संहार और दु:शासनका सेनासहित पलायन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.121.35 
क्षेपणीयैस्तथाप्यन्ये सात्वतस्य वधैषिण:।
चोदितास्तव पुत्रेण सर्वतो रुरुधुर्दिश:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
आपके पुत्र दु:शासन से प्रेरित होकर सात्यकि को मारने के इच्छुक अन्य अनेक सैनिकों ने भी क्षेपणीय अस्त्र-शस्त्र धारण कर लिए और सब ओर से सात्यकि का मार्ग रोक दिया।
 
Inspired by your son Dushasan, many other soldiers who wanted to kill Satyaki, also took up Kshepaniya weapons and blocked Satyaki's entire path from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)