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mahabharat 7.121.3: सेना के बीच में पराजित होकर वे अपने क्षत्रिय बल का वर्णन किस प्रकार करेंगे? महाबली सात्यकि किस प्रकार समस्त सेना को पीछे छोड़ते हुए रणभूमि में आगे बढ़े?॥3॥   |   mahabharat अध्याय 7.121: सात्यकिके द्वारा पाषाणयोधी म्लेच्छोंकी सेनाका संहार और दु:शासनका सेनासहित पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 121: सात्यकिके द्वारा पाषाणयोधी म्लेच्छोंकी सेनाका संहार और दु:शासनका सेनासहित पलायन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.121.3 
किं नु वक्ष्यन्ति ते क्षात्रं सैन्यमध्ये पराजिता:।
कथं नु सात्यकिर्युद्धे व्यतिक्रान्तो महायशा:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
सेना के बीच में पराजित होकर वे अपने क्षत्रिय बल का वर्णन किस प्रकार करेंगे? महाबली सात्यकि किस प्रकार समस्त सेना को पीछे छोड़ते हुए रणभूमि में आगे बढ़े?॥3॥
 
How will they describe their Kshatriya power after being defeated in the midst of the army? How did the illustrious Satyaki advance ahead in the battlefield, surpassing the entire army?॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)