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mahabharat 7.121.28: शिनिका के उस वीर पौत्र ने भी विभिन्न देशों में उत्पन्न हुए विभिन्न नस्लों के सैकड़ों-हजारों हाथियों को मार डाला। 28.   |   mahabharat अध्याय 7.121: सात्यकिके द्वारा पाषाणयोधी म्लेच्छोंकी सेनाका संहार और दु:शासनका सेनासहित पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.121.28 
नानादेशसमुत्थांश्च नानाजातींश्च दन्तिन:।
निजघ्ने तत्र शैनेय: शतशोऽथ सहस्रश:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
शिनिका के उस वीर पौत्र ने भी विभिन्न देशों में उत्पन्न हुए विभिन्न नस्लों के सैकड़ों-हजारों हाथियों को मार डाला। 28.
 
That brave grandson of Shinika also killed hundreds and thousands of elephants of various breeds born in various countries. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)