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mahabharat 7.121.20-21h: उन्होंने रथ सेना, हाथी सेना, सभी घुड़सवारों और लूटने वाले म्लेच्छों को हर संभव तरीके से नष्ट कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.121: सात्यकिके द्वारा पाषाणयोधी म्लेच्छोंकी सेनाका संहार और दु:शासनका सेनासहित पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 121: सात्यकिके द्वारा पाषाणयोधी म्लेच्छोंकी सेनाका संहार और दु:शासनका सेनासहित पलायन  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  7.121.20-21h 
अवधीच्च रथानीकं द्विरदानां च तद् बलम्॥ २०॥
सादिनश्चैव तान् सर्वान् दस्यूनपि च सर्वश:।
 
 
अनुवाद
उन्होंने रथ सेना, हाथी सेना, सभी घुड़सवारों और लूटने वाले म्लेच्छों को हर संभव तरीके से नष्ट कर दिया।
 
He destroyed the chariot army, the elephant army and all those horsemen and the plundering mlecchas in every possible way. 20 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)