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mahabharat 7.120.44-45h: हे राजन! हे प्रजानाथ! तत्पश्चात राजा दुर्योधन के रथ की दुर्दशा देखकर आपके पुत्र और सैनिक सैकड़ों की संख्या में भाग गए।   |   mahabharat अध्याय 7.120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 44-45h
 
 
श्लोक  7.120.44-45h 
ततस्तव सुता राजन् सैनिकाश्च विशाम्पते॥ ४४॥
राज्ञो रथमभिप्रेक्ष्य विद्रुता: शतशोऽभवन्।
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे प्रजानाथ! तत्पश्चात राजा दुर्योधन के रथ की दुर्दशा देखकर आपके पुत्र और सैनिक सैकड़ों की संख्या में भाग गए।
 
O King! O Prajanath! Thereafter, seeing the condition of King Duryodhana's chariot, your sons and soldiers in hundreds ran away. 44 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)