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mahabharat 7.120.41-42h: तब सात्यकि ने पुनः विजय हेतु प्रयत्नशील समस्त वीर योद्धाओं को पाँच-पाँच बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  7.120.41-42h 
तान् सर्वान् सहितान् शूरान् यतमानान् महारथान्॥ ४१॥
पञ्चभि: पञ्चभिर्बाणै: पुनर्विव्याध सात्यकि:।
 
 
अनुवाद
तब सात्यकि ने पुनः विजय हेतु प्रयत्नशील समस्त वीर योद्धाओं को पाँच-पाँच बाणों से घायल कर दिया।
 
Then Satyaki once again wounded all those valiant warriors, who were striving for victory, with five arrows each. 41 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)