Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.120.34-35h: इसके बाद दुःसहन ने सात्यकि की छाती पर पंद्रह बाण मारे। महाराज! उन बाणों से इस प्रकार आहत होकर वृष्णिवंशी सिंह सात्यकि ने हँसते हुए उन सबको तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद दुःसहन ने सात्यकि की छाती पर पंद्रह बाण मारे। महाराज! उन बाणों से इस प्रकार आहत होकर वृष्णिवंशी सिंह सात्यकि ने हँसते हुए उन सबको तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया।
After this, Dussahan shot fifteen arrows on Satyaki's chest. Maharaj! Being thus hurt by those arrows, Satyaki, the lion of the Vrishni clan, smilingly wounded all of them with three arrows each.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥