श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.120.27 
सम्भ्रान्तनरनागाश्वमावर्तत मुहुर्मुहु:।
तत् सैन्यमिषुभिस्तेन वध्यमानं समन्तत:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
सात्यकि के बाणों से सब ओर से आक्रान्त होकर आपकी सेना के पैदल, हाथी और घोड़े भयभीत हो गए और बार-बार चक्कर लगाने लगे॥ 27॥
 
Being attacked from all sides by Satyaki's arrows, the infantry, elephants and horses of your army became frightened and began to circle around repeatedly.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)